खाना और कूटनीति ( Diplomacy through Food )

भारतीय पाक शैली विभिन्‍न समुदायों एवं संस्‍कृतियों के आपस में मिश्रण के 5000 साल पुराने इतिहास को दर्शाती है जिससे विविध फ्लेवर एवं क्षेत्रीय पाक शैलियों का मार्ग प्रशस्‍त हुआ। मुगलों, ब्रिटिश और पुर्तगालियों के आने से भारतीय पाक शैली की विविधता में और वृद्धि हुई।

पाक शैली में परिणामी फ्यूजन की वजह से उसका जन्‍म हुआ जिसे आज भारतीय पाक शैली के नाम से जानते हैं। भारतीय पाक शैली का मतलब खाना पकाने की विविध शैलियों से भी है। कभी - कभी इसका अभिप्राय यह होता है कि भारतीय पाक शैली अनुपयुक्‍त नाम है क्‍योंकि क्षेत्रीय व्‍यंजन एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में बहुत ही भिन्‍न हैं।


भारतीय पाक शैली ने अंतरराष्‍ट्रीय संबंधों के इतिहास को भी आकार दिया है; भारत और यूरोप के बीच मसाले के व्‍यापार का अक्‍सर इतिहासवेत्‍ताओं द्वारा यूरोप के खोज के युग के लिए प्राथमिक प्रेरक के रूप में बताया जाता है। मसाले भारत से लाए जाते थे तथा यूरोप और एशिया में उनका व्‍यापार किया जाता था। इसने पूरे विश्‍व की अन्‍य पाक शैलियों को भी प्रभावित किया है, विशेष रूप से दक्षिण पूर्व एशिया, ब्रिटिश टापुओं एवं कैरेबियन की पाक शैलियों को प्रभावित किया है।


जिस तरह खाद्य के प्रभाव भारत से चलकर दूसरे देशों में पहुंचे, उसी तरह भारतीय पाक शैली भी विदेशों में पहुंची। खास - खास व्‍यंजनों ने लोकप्रियता हासिल की या मसालों के माध्‍यम से बारीक प्रभाव दुनियाभर की पाक शैलियों प्रवेश कर गए। 

आभार: भारतीय खाना और कूटनीति।

Comments

Jishnu said…
बेहद रोचक....