पकवानों के साथ त्योहार मनाना ( Festival Celebration with Sweets )

भौगोलिक विशेषताओं एवं क्षेत्रों की विविधता के कारण छोटे या बड़े त्‍यौहार भारत में पूरे साल मनाए जाते हैं। ये त्‍यौहार परंपरागत व्‍यंजनों का लुत्‍फ उठाने के लिए लोगों को बढि़या अवसर प्रदान करते हैं जो प्रत्‍येक त्‍यौहार से जुड़े होते हैं। विशेष व्‍यंजन तैयार किए जाते हैं तथा संबंधित देवी-देवताओं को अर्पित किए जाते हैं। 


उदाहरण के लिए, दूध का हलवा,  मक्खन और दही से बने व्‍यंजन गाय चराने वाले कृष्‍ण के जन्‍मदिन अर्थात जन्‍माष्‍टमी का द्योतक होते हैं, जबकि ताजे नारियल के मोदक, मुरूक्‍कू की क्षेत्रीय वैरायटी, लड्डू और कज्‍जाया को गणेश का मनपसंद व्‍यंजन माना जाता है और गणेश चतुर्थी को यह भेंट में चढ़ाया जाता है।


मिठाइयों की इतनी अधिक वैरायटी है कि जब कोई उत्‍तर से दक्षिण या पूरब से पश्चिम और भिन्‍न - भिन्‍न जातीय समुदायों के बीच जाता है, तो वह अचंभित रह जाता है। पश्चिम बंगाल और उत्‍तर भारत में क्रमश: रसगुल्‍ला, चमचम, संदेश और लड्डू, गुलाब जामुन, काजू कतली लोकप्रिय हैं जबकि गुजरात और राजस्‍थान में मेस्‍सू, मोंथार और घेवर लोकप्रिय हैं।







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